दिल्ली से भोपाल… एक बीमार की अंतिम यात्रा, जब एक भी अस्पताल ने इलाज नहीं दिया

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दिल्ली के पांच अस्पतालों ने इलाज करने से मना कर दिया. हार कर उसने दिल्ली से 800 किलोमीटर दूर भोपाल जाने का फैसला किया ताकि अपनी जान बचा सके. ये यात्रा काफी लंबी साबित हुई. जब तक वो भोपाल पहुंचा तब तक बहुत देर हो चुकी थी. इस बच्चे के पिता को 5 दिन तक दिल्ली में अस्पताल नहीं मिला, भोपाल आए, दो दिन में दम तोड़ दिया

हलाकि भोपाल के हॉस्पिटल में उसे तुरंत प्रवेश मिल गया. मगर हॉस्पिटल उसकी जान नहीं बचा पाया और  रविवार की सुबह उसकी मृत्यु हो गई. अब अधिकारी ट्रेन उसके सह-यात्रियों से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं.

भोपाल के अधिकारी हैरान हैं कि आखिर कैसे एक व्यक्ति जिसमें कोविड संक्रमण के सारे लक्षण मौजूद थे और जो 103 डिग्री बुखार से पीड़ित था का दिल्ली और भोपाल में स्क्रीनिंग नहीं हो पाया.

इस व्यक्ति का 18 साल का एक बेटा है जो भोपाल में रहकर  प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा है. उसका कहना है कि उसके पिता की मौत की खबर सुनते ही उसकी माँ दिल्ली के मयूर विहार स्थित अपने घर में बेहोश हो गई.

बता दें की उसकी माँ अस्थमा की बीमारी से पीड़ित है.

उसकी 15 वर्षीय बहन को अपनी माँ को हॉस्पिटल में एडमिट करवाने के लिए एडी चोटी का जोर लगाना पड़ा. एक अस्पताल ने दाखिला लेने से साफ़ मन कर दिया. आखिरकार नॉएडा के सेक्टर 11 में स्थित एक हॉस्पिटल में उसकी माँ का अब इलाज चल रहा है.

42 वर्षीय उस व्यक्ति का रविवार को भोपाल में अंतिम संस्कार किया गया। “मैंने दिल्ली के सीएम और स्वास्थ्य मंत्री और यहां तक ​​कि पीएमओ को ट्वीट और ई-मेल भेजे, लेकिन अंत में हम हार गए,” ये कहना है उसके बेटे का.

उसके बेटे के मुताबिक, उनके पिता ने मई 29  से ही कोविड संक्रमण के लक्षण दिखने शुरू हो गए थे.

अगले हफ्ते तक उसके पिता पांच अस्पतालों में गए लेकिन किसी अस्पताल ने उसका प्रवेश नहीं लिया, ये कहना है उसके बेटे का.

तब तक उनका परिवार हताश हो चुका था.

“मैंने कम से कम जांच करने के लिए अस्पतालों में 50 से अधिक कॉल और कई ईमेल किए। मेरे पिता का स्वास्थ्य बिगड़ने लगा। अंतिम उपाय के रूप में, मैंने उन्हें भोपाल आने के लिए कहा। वह शनिवार सुबह 6.30 बजे भोपाल एक्सप्रेस से पहुंचे। मैं उन्हें सीधे जेपी अस्पताल ले गया, जहां से उन्हें हमीदिया अस्पताल रेफर कर दिया गया ”.

उसके बेटे का कहना है कि दाखिला मिलने के दो घंटों के भीतर ये पता चल गया कि उसके पापा कोविड -19 से संक्रमित हैं. बहन ने सोमवार को कोविड का टेस्ट करवाया. टेस्ट पॉजिटिव आया है. उसकी मां का कोविड जांच नेगेटिव आया है.

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